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  • AASHIV MORE

अक्सर अकेले बैठ देखा करता हूँ उस खूबसूरत शाम को जो सिर्फ रात के अंधेरेमे खोया करतीं है ....

Updated: Jul 13, 2020


अक्सर अकेले बैठ देखा करता हूँ उस खूबसूरत शाम को जो सिर्फ रात के अंधेरेमे खोया करतीं है ....

अक्सर सुना करता हूँ उस तन्हाई को जो सिर्फ अकेले में बात करना जानती है .....

अक्सर पिया करता हूँ उस शराब को जो सिर्फ टूटे हुए दिल का मल्हम बन्ना जानती है .....

अक्सर लिखा करता हूँ उन् चिट्ठिओ को जो सिर्फ दिल के क किसी कोने में छिपना पसंद करती है .....

हां अक्सर चला करता हूँ उन् देहलीज़ो पर जो सिर्फ वक़्त के साथ यादो की याद दिलाया करती है ....

-AASHIV MORE

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