Search
  • AASHIV MORE

वो इंतज़ार था जिसे पाने के लिए वक़्त भी तरसता था ...

Updated: Jul 27


वो गुलाल सा था ,जो खून की तरह रगो में बस गया ...

वो ख्वाब सा था , जो हकीकत की तरह धड़कन में सज्ज गया .....

वो इंतज़ार था जिसे पाने के लिए वक़्त भी तरसता था ...

वो पानी था जिसे बरसने के लिए बादल भी गरजता था ....

वो तो फकत स्याही था जिसे हर कलम अपना बनाना चाहता था ....


वो हवा था जिसे तूफ़ान में ढलना पसंद था ...

वो आग था जिसे ठंड में भी जलना पसंद था ....

वो तो महज़ एक रूप था जिसे ख़ुशी में ढलना पसंद था .....

-AASHIV

link-https://drive.google.com/file/d/1g0VIisVdNrfxXahjyx_7ZuROnEwKxAm7/view?usp=sharing

#poem#nazam#shayari#couples#love


5 views
Join our mailing list. Never miss an update
  • White Instagram Icon
  • White YouTube Icon
  • White Facebook Icon
  • White Twitter Icon

© 2023 by Fashion Diva. Proudly created with Wix.com